वे घने वृक्ष से हैं भारी ।
हैं प्रेम प्राप्ति के अधिकारी।
आदर्श योग्य हैं इसी वजह ,
हर पिता के हम सब आभारी ।।

हैं पिता बहुत संघर्षशील ।
हर युग के संग – संग प्रगतिशील ।
दुविधा ना आने देते हैं ,
वे मेहनतकश , वे कर्मशील ।।
कष्टों को मिटाकर हैं सबके ,
वे ह्रदयशील , नव परिवारी ।।
हर पिता के हम सब आभारी…….

हर बालक के वे माननीय।
अंतर्मन से वे मानवीय ।
जब खोजा तब हमने पाया ,
हर बार मिले वे पूजनीय ।।
परिवार है उनकी सम्पत्ति ,
फिर भी मानवता से संसारी ।।
हर पिता के हम सब आभारी……….

हां , पिता सदा ही सच्चे हैं ।
जीवन मूल्यों से अच्छे हैं ।
वे सदा देखते हैं ये ही ,
ऊंचाई पर हर बच्चे हैं ।।
है बाल – पिता का गठबंधन,
वे भावपूर्ण , वे हितकारी ।।
हर पिता के हम सब आभारी

By Anurag

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