विकल्प- संस्था के तत्वावधान में संस्था के स्थानीय सुर्खा बानखाना स्थित कार्यालय पर विचार गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम कर मजदूर महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।

 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट रहे। अध्यक्षता डॉ सुचित्रा डे ने की।

     कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।

     इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने कहा कि श्रमिक समाज  अंतिम पायदान पर खड़ा वह व्यक्ति है जो रोजमर्रा की चीजों के लिए संघर्षरत रहता है उसकी मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं और उसकी मेहनत का उचित मूल्य भी उसे प्राप्त नहीं होता है लोगों का व्यवहार भी मजदूरों के प्रति उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाता है ।बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में ओवरटाइम के नाम पर 12 से 16 घंटे काम लेकर उनका शोषण होता है। दुनिया में महँगाई सुरसा की तरह मुँह खोले खड़ी है ऐसी परिस्थितियों में बाल -मजदूरी को भी यहाँ बढ़ावा मिला है जो दु:खद व निंदनीय है। श्रमिकों का उचित सम्मान तब सार्थक होगा जब उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

   कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ सुचित्रा डे ने कहा कि वैसे तो हम सभी श्रमिक हैं और हम सभी को अपने -अपने कर्म के अनुरूप कोई न कोई मूल्य प्राप्त होता है पर विकल्प संस्था ने नियमित कई वर्षों से श्रमिकों के लिए सम्मानित करने का जो अभियान चलाया है वह वास्तव में सराहनीय कार्य है ।श्रमिक जो व्यवस्था से जूझते हुए अपना जीवन दो जून की रोटी कमाने में गुजार देता है उसके सपने अधूरे रह जाते हैं समाज व उसके परिवार में भी उसे उचित सम्मान नहीं मिलता ऐसे श्रमिक के सम्मान से बड़ी कोई बात नहीं हो सकती ।

  कवि जगदीश निमिष ने अपने विचार अपनी इन पंक्तियों के माध्यम से प्रकट किए –

 मई मास का प्रथम दिवस यह,    श्रमिक दिवस का उत्सव;

 मन में है उल्लास मनाएं,

 आओ इसे महोत्सव।

   कार्यक्रम में संस्था- संस्थापक राज नारायण गुप्ता  द्वारा श्रमिकों को सम्मानित किया गया।

   इस अवसर पर सर्वश्री कुणाल वर्मा, पूर्णिमा गुप्ता, करिश्मा, पायल, कृतिका, आकाश, अनुज, आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का  संचालन राज नारायण गुप्ता ने किया।

By Anurag

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