बरेली विकास प्राधिकरण एवम राइट्स कंपनी ने बीते दिनो बरेली एयरपोर्ट से सेटेलाइट होकर रेलवे जंक्शन एवम रेलवे जंक्शन से कुतुबखाना, स्टेडियम रोड होकर एयरपोर्ट तक के लाइट मेट्रो के दो जमीन के ऊपर एवम भूमिगत मार्ग का सर्वे कर इस पर जल्दी रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है। बरेली में कुतुबखाना, चौकी चौराहा, पर लाइट मेट्रो का भूमिगत जंक्शन देना जनहित में सुगम यातायात का एक बेहतर कदम होगा। बरेली के जटिल यातायात एवम घनी आबादी के लिए भी यह एक अच्छा प्रयास होगा। स्मार्ट सिटी बरेली में बरेली विकास प्राधिकरण एवम राइट्स कंपनी की संयुक्त टीम ने विगत दिवस बरेली में लाइट मेट्रो रूट का स्थलीय निरीक्षण में बरेली एयरपोर्ट से सेटेलाइट होकर बरेली रेलवे जंक्शन तक के 20 किलोमीटर वाले लाइट मेट्रो मार्ग को 85 प्रतिशत तक संभावित सही पाया है। बताया गया ही की लाइट मेट्रो के पहले चरण में दो मार्गो को लेकर कुछ उम्मीद बनी है। जिसमे पहला बरेली एयरपोर्ट से रेलवे जंक्शन एवम दूसरा चौकी चौराहा,कुतुबखाना, स्टेडियम रोड होकर एयरपोर्ट वाला मार्ग होगा। पर भी भूमिगत मार्ग पर बात हुई। जिसे अब बरेली की मंडलायुक्त को इस पर बरेली विकास प्राधिकरण एवम राइट्स कंपनी के साथ बैठक कर इसे कैसे अमलीजामा पहनाया जाए इस पर निर्णय लेना अभी बाकी है। लाइट मेट्रो से बरेली के जटिल यातायात को कुछ गति मिलने की उम्मीद है। बरेली में लाइट मेट्रो सेवा देने पर भी उत्तर प्रदेश सरकार अब गंभीर है। जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी मांगे गए थे। जिस के क्रम में बरेली विकास प्राधिकरण एवम राइट्स कंपनी टीम ने सर्वे किया। बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगिंद्र सिंह एवम सचिव योगेंद्र कुमार, आशु मित्तल, नगर निगम के मुख्य अभिनेता भूपेश कुमार, राइट्स के उप महाप्रबंधक तरुण जैन, पुष्पेंद्र सिंह, अमित कुमार भी लाइट मेट्रो को बरेली में धरातल पर उतरने को लेकर अब गंभीर हो गए हैं। लाइट मेट्रो का जंक्शन कुतुबखाना पर भूमिगत योजना के तहत प्रस्तावित कुतुबखाना के बाइशेप उपरिगामी पुल योजना में शामिल किया जाए । लाइट मेट्रो योजना का जंक्शन कुतुबखाना पर आए बिना यह लाइट मेट्रो योजना भी बरेली में बेमानी ही होगी। अभी कुतुबखाना सब्जी मंडी में वाहन पार्किंग या बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स वाली कोई योजना नही चिन्हित हुई है। इसके साथ ही कुतुबखाना सब्जी मंडी में लखनऊ के हजरतगंज के जनपथ की तर्ज पर बहुमंजिला वाहन पार्किंग एवम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनने से कुतुबखाना के पुल से कुछ विस्थापित व्यापारियों को भी स्थान देने में आसानी होगी। इसके अलावा हार्ट मेन, चौपला एवम शमशान रेल क्रासिंग पर अंडर पास भी बनना काफी जरूरी हैं। बरेली में अब हालत यह है कि कुतुबखाना पुल के नाम पर भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की तर्ज पर ही नियोजित तरीके से विकास पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वह केवल अनियोजित कार्य को प्रोत्साहन देकर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का काम में लगे हुए हैं। कुछ लोग बरेली में पटेल चौक एवम संजयनगर रोटरी की तरह बार बार तोड़ने का खेल खेल कर रहे हैं। बरेली में पटेल चौक एवम संजयनगर रोटरी की कई बार टूट भी चुकी है। अब जिला हॉस्पिटल का फुट ओवर ब्रिज का कुतुबखाना पुल के बाई शेप में बाधक बनने का भी ध्यान आया है शहर में वाहन पार्किंग की जगह भी मोतीपार्क में बनने से मोतीपार्क का ऐतिहासिक स्वरूप ही नष्ट हो गया है। यहां हरियाली वाले पार्क की अधिक जरूरत है। अधिकारियों ने कभी यह भी कल्पना की है कि मोतीपार्क तक कार आदि वाहन पहुंचेंगे कैसे। मोतीपार्क जहां देश के बड़े नेताओं की आम सभा होती थीं। उस ऐतिहासिक पार्क को अनियोजित वाहन पार्किंग के नाम पर खतम किया जा रहा है। जिला अधिकारी कार्यालय, कचहरी, जेल रोड, कुतुबखाना, कोहाड़ापीर, सिविल लाइन, श्यामगंज, किला, बड़ा बाजार आदि में भयंकर जाम जैसी स्थिति दिन भर बनी रहती है। पत्रकार निर्भय सक्सेना ने भी पूर्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ को मेल भेजकर इससे अवगत भी कराया था। जिसमे कहा गया था की जिलों के सुनियोजित विकास के लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण, जिला परिषद, जनप्रतिनिधियों एवम अधिकारियों की एक संयुक्त मॉनिटरिंग कमेटी बने जो जनहित में गुणदोष के आधार पर जिले की पंचवर्षीय समयबद्ध योजनाएं बनाएं ताकि सरकारी धन का सही प्रयोग हो । अब योगी 2 की नई सरकार में बरेली में कुतुबखाना एवम डेलापीर के वाई शेप पुल बनने पर ही जाम की समस्या की राह कुछ आसान होगी। अन्यथा उसका हाल भी चौपला या आई वी आर आई के पुल जैसा ही होगा जिसमे दुर्घटना की आशंका हर दम बनी रहती है। इसके साथ ही बरेली स्मार्ट सिटी में कुतुबखाना सब्जी मंडी, श्यामगंज सब्जी मंडी, किला, तहसील परिसर में कचहरी में बहुमंजिला वाहन पार्किंग लखनऊ के हजरत गंज के जनपथ मार्केट की तर्ज पर बनाने की भी आज नितांत जरूरत है। इसके साथ ही जिला हॉस्पिटल में टीबी हॉस्पिटल के आस पास के जिला हॉस्पिटल की गिरताऊ भवन जमीदोज कर जिला महिला हॉस्पिटल की तर्ज पर ही बहुमंजिला भवन बनाया जाए और बांसमंडी का राजकीय आयुर्वेदिक हॉस्पिटल भी इसी परिसर में लाया जाए। ताकि घनी आबादी वाली जनता को सरकारी चिकित्सा का लाभ मिल सके। जिला हॉस्पिटल की कीमती भूमि का भी निजी हॉस्पिटल की तरह उपयोग हो तो निर्माणाधीन फुटओवर पुल की जरूरत ही नही होती। अभी भी उसे रोकना जनहित में होगा। क्योंकि उससे अधिक जरूरी कुतुबखाना का बाई शेप पुल बनना भी जरूरी है। इसके अलावा हार्ट मेन, चौपला एवम शमशान रेल क्रासिंग पर अंडर पास भी बने स्मरण रहे बरेली शहर में कुतुबखाना पुल की बाई शेप वाली मांग काफी पुरानी है। कुतुबखाना के साथ ही डेलापीर एवम किला क्रासिंग पर वाई शेप का एक नया पुल बनाना आज की जरूरत भी है। जहां तक बरेली में लाइट मेट्रो चलाने की बात है इसके लिए इस बात पर भी मंथन हो की लाइट मेट्रो का मार्ग का जंक्शन कुतुबखाना पर भी भूमिगत बने। बरेली रामपुर रोड, इज्जतनगर के साथ विश्वविद्यालय रोड, रामगंगा नगर योजना, एयरपोर्ट से रेलवे जंक्शन को भी लाइट मेट्रो से जोड़ा जाए। इसके लिए बरेली विकास प्राधिकरण एवम राइट्स कंपनी ने बीते दिनो बरेली एयरपोर्ट से सेटेलाइट होकर रेलवे जंक्शन एवम रेलवे जंक्शन से कुतुबखाना, स्टेडियम रोड होकर एयरपोर्ट तक के लाइट मेट्रो के भूमिगत मार्ग का सर्वे कर इस पर जल्दी रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है। बरेली स्मार्ट सिटी में कुतुबखाना सब्जी मंडी, श्यामगंज सब्जी मंडी, किला, तहसील परिसर में कचहरी में बहुमंजिला मार्केट एवम वाहन पार्किंग की भी आज नितांत जरूरत है। बरेली स्मार्ट सिटी घोषित हुए कई वर्ष बीत गए। बरेली में हाल यह है कि स्मार्ट सिटी के काम अभी धरातल तक पर तो नहीं आये हैं। पर लगाए गए बिजली के फैंसी पोल के घोटाले खुलने शुरू हो गए हैं। हल्की वर्षा होने पर भी बिजली का कई बार जाना एवम ट्रिपिंग रोज की समस्या हो गई है। बिजली विभाग में करोड़ों रुपए खर्च कर सुधार के दावों की पोल वर्षा ने खोल दी है। स्मार्ट सिटी का दर्जा पाया बरेली शहर सावन में मानसून के चलते आज भी बदहाल गड्ढादार सड़कों, चोक नाले नालियो, हर सड़क चोराहे पर जाम, कुतुबखाना उपरिगामी पुल एवम हवा हवाई कूड़ा निस्तारण प्लांट की योजना वाली घोषणाओ के प्रोजेक्ट बनने का ही अभी इंतजार ही कर रहा है।

निर्भय सक्सेना, पत्रकार

By Anurag

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