बरेली। आगामी 10 अप्रैल 22 को होने वाली रामनवमी को ध्यान में रखकर अयोध्या में श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र न्यास आजकल व्यवस्था में लग गया है। भविष्य में राम मंदिर ट्रस्ट अब ऐसी व्यवस्था पर भी ध्यान दे रहा ही की जब दिसंबर 2023 में राम लला के गर्भगृह में स्थापना के बाद अगर मंदिर परिसर में एक डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु भी आ जाएं तो भी उन्हें व्यस्थित दर्शन में समस्या नहीं हो। इसके साथ ही राम मंदिर की हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था के लिए आधुनिक उपकरणों के अलावा मॉर्डन कंट्रोल रूम भी बनेगा। 50 हजार लोगो को सामान रखने के लिए लॉकर व्यवस्था की भी व्यवस्था होने जा रही है। उत्तर प्रदेश के स्पेशल टास्क फोर्स की संभावित तैनात वाले सुझाव पर मंथन हो रहा है। 2023 तक रामलला को गर्भगृह में स्थापना को ध्यान में रख कर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। देवी लक्ष्मी की भी ट्रस्ट में कृपा बनी हुई है। मंदिर के दान पात्र एवम बैंक में श्रद्धालु यथयोग सहयोग दे रहे हैं। अब तक राम मंदिर का निर्माण कार्य करीब 30 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बीते दिनों राम मंदिर निर्माण समिति की अयोध्या के सर्किट हाउस में हुई बैठक के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया से कहा कि राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं पर भी मंथन हुआ। बताया गया कि राम मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 30 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
चंपत राय ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत 2023 के बाद राम मंदिर परिसर में अगर लाखो श्रद्धालु भी एक साथ दर्शन के लिए पहुंचते हैं तो उनको किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
वर्ष 2023 दिसंबर तक रामलला को गर्भ गृह में स्थापित करने के लिए पूरी तैयारी हो रही है। अयोध्या को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस करने की भी तैयारी है। मॉडर्न कंट्रोल रूम से पूरे अयोध्या की निगरानी भी होगी। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के अनुसार कार्य की गति ठीक चल रही है। प्लिंथ के निर्माण में ग्रेनाइट स्टोन लगाने को राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के 17 हजार ग्रेनाइट पत्थर अयोध्या पहुंच गए हैं। जो मंदिर के प्लिंथ में ग्रेनाइट पत्थर लगाए जा रहे हैं। इस समय पहली लेयर का काम चल रहा है जिसमे प्रतिदिन 20 से 25 पत्थर लगाए जा रहे हैं।अगले दिनों में 80 से 100 पत्थर लगाये जाए इस पर विचार हो रहा है।
मंदिर के प्लिंथ के निर्माण कार्य रिटेनिंग वॉल के कार्य पर चर्चा हुई है।मई और जून के बाद गर्भ गृह का बंसी पहाड़पुर के पत्थर से काम शुरू हो जाएगा। वहीं राम मंदिर की सुरक्षा भी आधुनिक होगी और मैन पावर कम लगेगा । अनिल मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के साथ-साथ अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक होगी। बैठक में राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र, राम जन्म भूमि के सुरक्षा सलाहकार के के शर्मा, एसीएस होम अवनीश अवस्थी, ट्रस्ट के सदस्य व एलएनटी टाटा कंसल्टेंसी के एक्सपर्ट मौजूद रहे। मंदिर ट्रस्ट पर धन की अब कोई कमी नहीं है। अब तक ट्रस्ट के पास कई हजार करोड़ की धनराशि बैंक में आ चुकी है। राम मंदिर के दान पात्र में भी एक पखवाड़े में लाखो का चढ़ावा भक्त चढ़ा रहे हैं।

निर्भय सक्सेना, पत्रकार

By Anurag

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