एक पुरानी कहावत है कि दूसरो के लिए गड्ढा खोदने वाला भी कभी न कभी उसी गड्ढे में गिरता ही है। आज कल यह कहावत चीन पर लागू है। चीन के शंघाई, वुहान सहित अधिकांश प्रांत कोरोना वायरस की मार से पीड़ित हैं। चीन में कई प्रांतों में कोविड के चलते लॉक डाउन लगा हुआ है। भारत सरकार ने चीन की विस्तारवादी नीति वाली राह पर भी अपना अंगद वाला पैर मजबूती से जमा रखा है। यही कारण रहा हाल में ही चीन के विदेश मंत्री वांग यी जब भारत आए तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से नहीं मिल सके। यही नहीं जब वांग यी नेपाल गए तो नेपाल सरकार ने भी बेल्ट रोड इनिशिएटिव के मुद्दे पर उन्हें ठेंगा दिखा दिया और कहा कि नेपाल अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान में भी डावाडोल सरकार के चलते भी चीन अपने निवेश को लेकर परेशान है। पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान भी अब भारत की विदेश नीति की सराहना कर रहे है। भारत ने तो अभी तक देश में ही बनी कोविड वेक्सीन से लगभग 183 करोड़ भारतीय लोगो को निशुल्क कोविड वैक्सीन लगवा दी है। बूसटर डोज देने के अलावा 12 से 18 वर्ष के बच्चो को भी वेक्सीन लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी वाला नियम से इस विश्वव्यापी महामारी पर भारत ने काफ़ी हद तक अंकुश पाया। यही नहीं कई देश को भारतीय कोविड वेक्सीन भी भेजी। यही कारण रहा की दुनिया के अमेरिका, इंग्लैंड आदि जैसे देशों में जहां 61करोड़ लोग लोग कोविड की चपेट में आकर काल के मुंह में समा गए वहीं भारत में मार्च 2022 तक मौत का यह आंकड़ा मात्र 5 लाख 21 हजार तक ही सिमटा रहा। अब भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कोविड की चौथी लहर की संभावना को खारिज किया है। आजकल चीन कोरोना महामारी की मार से बुरी तरह जकड़ा हुआ है। कोरोना महामारी की जब हुई तो चीन अपने यहां से फैली इस महामारी को नकारता ही रहा और इसका दोष अमरीका पर मढ़ता रहा। अब दो वर्ष के बाद चीन का बुहान शंघाई आदि कई प्रांत कोरोना वायरस की मार से बेदम हैं और उन्‍हें इससे छुटकारा मिलने की भी अभी कोई आशा नहीं दिख रही है। चीन ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए दुनिया में सबसे सख्‍त कही जाने वाली जीरो कोविड नीति को भी अपनाया है। चीन ने अपने सीमा पर कड़े प्रत‍िबंध लगा रखे हैं, कोविड केस का ट्रैकिंग कर रही है और चीन बड़े पैमाने पर टेस्टिंग कर रहा है। पिछले दो वर्ष तक जब दुनिया जब इस कोविड महामारी की चपेट में थी, तब चीन कोरोना से बचा हुआ था लेकिन अब ताजा कोविड प्रकोप को चीन नियंत्रण करने में खुद को लाचार पा रहा है। चीन की वित्तीय राजधानी शंघाई में ही ढाई करोड़ लोग लॉकडाउन में हैं। जिलिन राज्य में भी कोरोना महामारी फैल गई है। अब चीन के कई राज्यों में दूसरा लॉक डाउन भी जारी है। लोग अपने घरों में कैद हैं। चीन के कई शहरों की सड़कों पर सन्नाटे वाली स्थिति है। एक पुरानी कहावत है कि दूसरो के लिए गड्ढा खोदने वाला भी कभी न कभी उसी गड्ढे में गिरता ही है। आज कल यह कहावत चीन पर लागू है।

निर्भय सक्सेना

By Anurag

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