नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादपुरा ब्लॉक की आशाएं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई
अपनी लंबे समय से उनके कार्यों का पेमेंट ना होने की वजह से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई। आशाओं ने सीएससी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांग रखी कि 2 साल से उनके किसी भी कार्य का पेमेंट नहीं हो रहा है लेकिन वहां पर कोई सुनने वाला नहीं था। तब मजबूर होकर उन आशाओं ने पैनी नजर सामाजिक संस्था की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार से फोन पर ही संपर्क कर अपनी व्यथा सुनाई व्यथा सुनकर अध्यक्षा तुरंत धरना स्थल पर पहुंची और वहां बैठी सभी आशाओं से उन्होंने बात की उनकी परेशानी को सुना उनकी समस्याओं को सुना। आशाओं ने बताया कि वह जिले से लेकर तहसील स्तर तक के सभी अधिकारियों से भी मिल चुकी हैं सभी ने उन्हें बिना समाधान के अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए वापस कर दिया तब अंत में मजबूर होकर उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने धरना प्रदर्शन आरंभ कर दिया सैकड़ों आशाएं वहां अपनी मांगों को लेकर बैठी थी संस्था अध्यक्ष को उन्होंने बताया कि वे तब तक वह अपनी मांग के लिए बैठी रहेगी जब तक उनकी मांग स्वीकार नहीं की जाती है और उन्होंने संस्था अध्यक्ष को भी एक लिखित पत्र सौंपा जिसमें उन्होंने संस्था से मदद की गुहार की अध्यक्ष ने आशाओं को भरोसा दिलाया कि अब यह लड़ाई उनकी नहीं है उनके अधिकारों की लड़ाई अब संस्था उनके साथ मिलकर लड़ेगी जब तक उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए उनका पेमेंट नहीं करा जाता है तब तक यह धरना आरंभ रहेगा आशाओं ने सी एस सी प्रभारी के द्वारा नवाबगंज प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा संस्था अध्यक्ष एड सुनीता गंगवार ने कहा वह इस जन समस्या में उनके


साथ बराबर खड़ी रहेगी अध्यक्षा ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि आज सरकार यह कहती है कि हम देश को एक ईमानदार सरकार दे रहे हैं लेकिन आज ग्रामीण महिलाएं जो इस छोटे से रोजगार के सहारे अपना घर चला रही है वह आज अपने ही काम के लिए छोटे-छोटे पेमेंट के लिए धरने पर बैठने पर मजबूर है जब सरकार के चुनाव का समय होता है तब विधायक व सांसद जनता से यह कहकर वोट लेते हैं कि हम आपकी सारी समस्याओं का समाधान करेंगे और उसके पश्चात सत्ता आते ही अपने सारे वादों को दरकिनार कर लोगों की समस्या सुनने तक को तैयार नहीं होते हैं तो ऐसी सरकार को ईमानदार सरकार कैसे कहा जा सकता है क्या यह धरना प्रदर्शन और उनकी मांग सरकार के कानों तक नहीं पहुंच रही है अधिकारी खामोश है आखिर यह किस स्तर पर घोटाला हुआ है जो उनका वेतन उनको नहीं दिया जा रहा है क्या हर अधिकार के लिए लोगों को धरना प्रदर्शन ही करना होगा तभी सरकार जागेगी तभी लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी अध्यक्ष ने यह भी कहा के सरकार का कोई भी वर्कर हो उसके लिए वेतन निर्धारित करना चाहिए और समय पर उनका भुगतान भी किया जाना चाहिए केवल योजना बना देने से जनता का भला नहीं होता है जब तक की योजनाएं जनता तक पहुंच जाए इस पर भी सरकार को काम करना चाहिए। सुनीता गंगवार ने यह भी कहा किस संबंध में वह सभी अधिकारियों को पत्र लिखेंगी ।

By Anurag

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