लंबे पीतल के हैंडपम्प से जगह जगह खेला जाता है मोर्चा – मेट्रो शहरों में होली का हुड़दंग भले ही आजकल कम हो गया हो पर अपने स्मार्ट सिटी बरेली में होली हुड़दंग को हुरियारों ने अपने बड़े पम्प निकाल कर उनमें तेल पानी के साथ ही उनकी मरम्मत भी दुकानों पर करा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 2022 के विधान सभा चुनाव के बाद पुना प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की फिर से सरकार बनने से उत्साह है। कोविड की तीसरी लहर भी समाप्ति पर ही है। इस बार भी 162 वर्ष पुरानी बमनपुरी की होली की रंग बारात 17 मार्च 2022 को शहर में निकली जायेगी। यू पी में 2022 के विधान सभा चुनाव के बाद एवम ‘कोविड -19’ की तीसरी लहर के बाद के इस काल में भी शहर की कुतुबखाना, कोहाड़ापीर, की कई दुकानों पर बड़े बड़े पीतल के लंबे हैंडपम्प बिक्री भी हुई। जहाँ तक बरेली की आउटर कालोनियों की बात की जाए तो वहां होली का उत्साह अब सिमटता ही जा रहा है । परंतु बमनपुरी, बिहारीपुर, चाहबाई, बजरिया पूरनमल, कालीबाड़ी, सिकलापुर, श्यामगंज, आलमगिरी गंज, बड़ा बाजार जैसे घनी आबादी वाले एरिया में होली पर 17 मार्च 2022 को निकलने बाली रंगबारात को लेकर खूब उत्साह इस बार भी है।

हिन्दू सोशल ट्रस्ट के गुलाबराय में लगने वाला ‘होली मिलन समारोह’ भी बरेली का ऐतिहासिक होता है जिसमे सभी राजनेतिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के स्टाल लगते हैं। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लोग गले मिलकर होली की सभी को शुभकामनाएं देते है। जिसमे जिले के अधिकांश विधायक, सांसद, मंत्रीगण, जिले के प्रमुख प्रशानिक/ पुलिसअधिकारी, व्यापारी नेता, डॉक्टर, समाजसेवी आदि भाग लेते हैं। बरेली शहर में होली दहन वाले अधिकांश स्थानों पर गोबर लेपन के बाद पेड़ो की टहनियां का ढेर लग जाते है। कालीबाड़ी, सिकलापुर, गंगापुर, पुराना शहर, चाहबाई, गुलाबनगर, बिहारीपुर, बमनपुरी, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर प्रेमनगर, राजेन्द्र नगर में एसे दृश्य होली पूर्व से दिखने लगते है। बमनपुरी, चाहबाई की रंगबारात के आयोजकगण ने कोविड 19 को ध्यान रख तैयारी की थी। श्री राम लीला सभा बमनपुरी की रंगबारात ( होली की बारात) पिछले 162 वर्ष से निरंतर निकलती रही है। जिसमे चाहबाई से निकलने वाली रंगबारात ( भगवान नरसिंह की शोभायात्रा) भी कुतुबखाना पर मिल कर पूरे शहर में भृमण कर अपने अपने गंतव्य पर समाप्त होती है। जिसमे ट्रैक्टर ट्रॉली, बैल ठेलो पर बड़े बड़े ड्रम में भरे पानी से हुरियारे रास्ते भर मोर्चा खेलते, रंग गुलाल उड़ाते चलते हैं।

हर हुरियारा अपने अलग अंदाज में रंगा पुता नजर आता है। बिहारीपुर, कुतुबखाना, कोतवाली, कॉलेज रोड, कालीबाड़ी, श्यामगंज, आलमगीरी गंज बड़ाबाजार में बड़े ड्रम, कड़ाव रख कर हुरियारे मोर्चा खेलते है। इस रंग बारात का अलग अंदाज होता है। स्मरण रहे इस बार बमनपुरी श्री रामलीला सभा की 162वीं होली की रामलीला के लिए 12 मार्च 2022 को बमनपुरी में पूजन के बाद झंडी यात्रा निकाली गई थी जिसमें किशोर कटरू, कार्यवाहक अध्यक्ष सर्वेश रस्तोगी, अंशु सक्सेना, दिनेश, पंकज मिश्रा, नीरज रस्तोगी, विवेक शर्मा, गौरव सक्सेना, इंदर देव त्रिवेदी, जनार्दन आचार्य, रंजीत रस्तोगी, महेश पंडित, विशाल मेहरोत्रा, निर्भय सक्सेना, राजू मिश्रा, अभिनव कटरु, प्रवीन उपाध्याय आदि ने भाग लिया। होली पर ही कमल टाकीज परिसर में आल इंडिया कल्चरल एसोसिएशन के बैनर पर कबीर पुरस्कार विजेता जे सी पालीवाल जी के निवास पर ‘महामूर्ख सम्मेलन‘ भी रंगबारात वाले दिन ही इस बार भी 32वीं बार 17 मार्च 2022 को कोविड 19 नियम का पालन करते हुए होगा। समाजसेवी जे सी पालीवाल बताते हैं कि 1990 में शुरू किया गया था। । निर्भय सक्सेना, पत्रकार

By Anurag

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