एशिया के सबसे बड़े क्रांतिकारी थे नेता जी सुभाष।*125 वीं जयंती पर नेता जी को किया याद।  नेताजी पर किया निबंध प्रतियोगिता का आयोजन।                      बरेली। मानव सेवा क्लब और कायस्थ चेतना मंच के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को उपजा प्रेस क्लब में नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 125 वीं जयंती मनाई गई। ‘नेता जी का देश में योगदान पर” एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 19 लोगों ने भाग लिया। इन्द्र देव त्रिवेदी को प्रथम, चित्रा जौहरी,प्रीती सक्सेना को द्वितीय, मीरा मोहन को तृतीय जबकि महानगर के रहने वाले मुकेश सक्सेना को विशेष पुरस्कार के लिये चुना गया। सभी को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह कार्यक्रम के मुख्यवक्ता इतिहासकार रणजीत पाँचाले,क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा और संजय सक्सेना ने दिये। इस अवसर पर मुख्य वक्ता इतिहासकार रणजीत पांचाले ने कहा कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस एशिया के सबसे बड़े क्रांतिकारी थे नेताजी का लक्ष्य भारत को आजादी दिलाना था। उनका कहना था जब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर लो तब तक अपने लक्ष्य के लिए लड़ते रहो।नेता जी भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाना चाहते थे। रविवार को नेता जी की जयंती पर उपजा प्रेस क्लब में  कार्यक्रम का प्रारंभ नेता जी के  चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। 

सुरेन्द्र बीनू ने कहा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा की बात नेता जी ने सार्थक करके दिखाई।उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि नेता जी वास्तव में एक अदम्य साहस के वीर सेनानी थे जिन्होंने जापान में अपनी आजाद हिंद फ़ौज का गठन किया। कायस्थ चेतना मंच के अध्यक्ष संजय सक्सेना और इन्द्र देव त्रिवेदी उनके प्रसंग साझा करते हुए बताया कि नेता जी की योग्यता से गांधी जी भी बहुत प्रभावित थे। महासचिव अभय सिंह भटनागर, निर्भय सक्सेना,अमित सक्सेना, मुकेश सक्सेना, , राजीव, विशाल शर्मा ,पल्लवी सक्सेना, अखिलेश, अविनाश, अंकुर सक्सेना, निर्भय सक्सेना, माया सक्सेना, अभिषेक,वीरेंद्र सहित अनेक लोगों ने नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन सुरेंद्र बीनू सिन्हा ने किया। सभी का आभार संजय सक्सेना ने व्यक्त किया।

By Anurag

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