पेशे से चिकित्सक किंग जार्ज मेडिकल कालेज लखनऊ से एम.बी.बी.एस. करने के बाद डा. अरुण कुमार ने नैनीताल रोड पर पुलिया के पास अपने पिता होम्योपैथी चिकित्सक डा.गिरीश के क्लीनिक पर बैठकर अपनी प्रैक्टिस लगभग 50 वर्ष पहले शुरू की थी। अपनी सेवा भावना के कारण मरीजों को मात्र 2/- रोज की दवा देने से दूर-दूर तक बहुत लोकप्रिय रहे। चिकित्सा सेवा में लंबी पारी खेलने के बाद लोगों के बहुत कहने पर आपने 2007 में सपा पार्टी ज्वाइन करके राजनीति में प्रवेश किया। पार्टी और राजनीति ज्वाइन करने के साथ पहला विधायकी का चुनाव भी लड़े हारे जरूर लेकिन अपना मजबूत जनमत दिखा दिया।2012 से पहले भाजपा ज्वाइन की और पहला चुनाव 2012 में अच्छे मतों से जीते।राजनीति की शिक्षा उनके बड़े भाई अनिल कुमार से मिलती रही। उनकी जनता में लोकप्रियता अपनी लगन, कर्मठता और सरल स्वभाव और सहज उपलब्थता से निरंतर बढ़ती गई। जनता का प्यार लोकप्रियता और कर्मठता और लगन के कारण 2017 का चुनाव भी जीते। किसी भी क्षेत्र में अपने को श्रेष्ठ साबित करने के लिये कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

By Anurag

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