2022 का UP विधानसभा चुनाव अलग रूप लेता नज़र आ रहा है कौन कब कैसा दांव खेल जाए किसी को कुछ नहीं मालूम ऐसे में 124 बरेली शहर कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा कांत शर्मा ने अपने अनोखे अंदाज़ से सभी को आश्चर्यचकित कर रखा है सही में कहा जाए तो कृष्णा कांत शर्मा ने जो 124 बरेली शहर सीट जीतने का जो चक्रव्यूह रचा है उसे तोड़ पाना आसान नहीं है कांग्रेस हर बार प्रयास के बाद ये सीट नहीं जीत सकी है मगर इस बार कृष्णा कांत शर्मा अलग ही तैयारी के साथ मैदान में है सबसे प्रमुख बात ये है की मात्र कुछ ही समय में उनके नाम की चर्चा आम हो चुकी है उनका प्रचार तंत्र बहुत मजबूत है  उनके बरेली  शहर सीट जीतने के चक्रव्यूह को समझने के लिए थोड़ा पुराने चुनावो पे गौर करना होगा 2007 के चुनाव में कांग्रेस  से लड़े डॉक्टर अनिल शर्मा को 16464 वोट मिले थे और निर्दलीय लड़े डॉक्टर आई एस तोमर को 15895 तथा सपा से लड़े डॉक्टर अरुण कुमार  को 16222 वोट और बसपा से लड़े सुनील मेहता को 4326 वोट  मिले  सभी बड़ी  विपछी पार्टी को कुल 52907  वोट मिले  और भाजपा से राजेश अग्रवाल मात्र 26893 वोट पाकर जीत गए  फिर 2012 के चुनाव में सपा  से लड़े डॉक्टर अनिल शर्मा को 41921 ,इत्तेहाद-ए-मिल्लत  के  शेर अली जाफरी को 31113 और बसपा से लड़े डॉक्टर अनीस बेग को 21753 और कांग्रेस से नबाब मुजाहिद हसन को 8016 वोट मिले सभी बड़ी  विपछी पार्टी को कुल 102803  वोट मिले जबकि भाजपा के डॉक्टर अरुण कुमार 68983 वोट पाकर जीत गए ,2017  में ज़रूर मोदी लहर के बीच सपा -कांग्रेस के संयुक्त  उम्मीदवार प्रेम प्रकाश अग्रवाल  को  86559 और बसपा के अनीस अहमद को 14596 वोट मिले जबकि भाजपा के डॉक्टर अरुण कुमार 115270   वोट पाकर जीत गए

कृष्णा कांत शर्मा का कहना है ये चुनाव सबसे अलग है कांग्रेस को छोड़कर कोई भी विपछी पार्टी  मैदान में नहीं बची है ऐसे में जनता के सामने केवल दो ही विकल्प है अब फैसला जनता को करना है

इसी कड़ी में जनता को अपने पाले में लाने लिए कृष्णा कांत शर्मा दिन रात एक किये हुए है जिसमे छोटी छोटी सभाये करना ,छोटे छोटे सम्मेलन करना शामिल है ,दलित ,पंजाबी -सिक्ख ,ईसाई , मुस्लिम ,हिन्दू बाहुल समाज से उन्हें भरपूर समर्थन और प्यार मिल रहा है ब्राह्मण समाज से उन्हें एकमुश्त समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है तौकीर रजा के समर्थन से मुस्लिम समाज का भी बहुत बड़ा समर्थन कृष्णा कांत शर्मा को मिल रहा है कुतुबखाना पुल बनाने से नाराज व्यापारी भी कृष्णा कांत शर्मा को समर्थन दे सकते है इन सभी चीजों के बीच अब उनकी नज़र कायस्थ वोट पे भी है जोकि बीजेपी को शहर सीट जिताने का काम करता रहा है इस पर भी उन्होंने  काम शुरू कर दिया है और जल्द ही इसके परिणाम नज़र आएंगे  अब लगता है कृष्णा कांत शर्मा ने बरेली शहर सीट जीतने का जो  चक्रव्यूह रचा है उसे तोड़ पाना भाजपा सहित किसी भी दल के लिए आसान नहीं होगा

By Anurag

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *