बरेली शहर की 124 विधान सभा सीट से तीसरी बार जीते डॉ. अरुण कुमार को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री आदित्य नाथ की योगी 2 सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मंत्री पद से नवाजा गया। बरेली शहर सीट से विजयी विधायक को अब लगभग 15 वर्ष बाद प्रदेश में मंत्री पद मिला है। इससे पूर्व राजेश अग्रवाल शहर से चुने जाते रहे थे। परिसीमन के बाद वह बरेली कैंट से विधायक बने और प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री भी रहे थे। डॉ. अरुण कुमार अब 2022 में तीसरी बार 124 बरेली शहर सीट से बीजेपी के विधायक 32 वोट हजार से जीते । कायस्थ समाज से आए लोकप्रिय विधायक डॉ. अरुण कुमार के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री बीजेपी सांसद संतोष कुमार गंगवार भी पैरवी कर रहे थे।31 दिसंबर 2021को बरेली में आए अमित शाह को भी अपने निवास पर चाय पर संतोष गंगवार ने बरेली के सारे समीकरण की रिपोर्ट दी थी। जिस पर भोजीपुरा बहेड़ी सीट के टिकट होल्ड हुए। पर उन सीट के तत्कालीन विधायको की जिद के कारण टिकट तो मिले पर बीजेपी ने दोनों सीट हार गई। पर डॉ अरुण कुमार की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। और योगी जी ने भी भरोसा जता कर मंत्री बनाया है। इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवम मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के किए गए कार्यो का ही सभी भाजपा के संभावित प्रत्याशियों को आसरा था। और वह अपने कार्य को कम और  योगी – मोदी जी  के ही आजकल ज्यादा काम गिना रहे थे। अगर बरेली मंडल की बात की जाए तो आज भी भाजपा में देश प्रदेश के सत्ताशीर्ष की प्रथम द्वितीय लाइन तो छोड़ उसके अगली लाइन में भी किसी पुराने भाजपा नेता को स्थान नहीं मिल सका जबकि बरेली जिले के सभी सांसद, 9 विधायक, एम एल सी, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर तक कि सीट जनता ने बीजेपी की वर्तमान सीट भाजपा को दीं। पिछले दिनों भाजपा से 8 बार के सांसद संतोष कुमार गंगवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा के अब संसद की फाइनेंशियल कमेटी का चैयरमेन, राजेश अग्रवाल को उत्तर प्रदेश मंत्री मंडल से हटाकर बीजेपी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद पर सरका दिया गया। स्मार्ट सिटी का दर्जा पाया बरेली शहर आज भी बदहाल गड्ढादार सड़कों, चोक नाले नालियो, हर सड़क चोराहे पर जाम, कुतुबखाना उपरिगामी पुल एवम हवा हवाई कूड़ा निस्तारण प्लांट की योजना वाली घोषणाओ के प्रोजेक्ट बनने का ही अभी इंतजार ही कर रहा है। स्मार्ट सिटी के अधिकारी मस्त हैं जनता त्रस्त है अब बरेली का स्मार्ट सिटी की सूची में और उपर हो गया है। वर्तमान में डॉ. अरुण कुमार बरेली विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पेशे से चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार अब ईमानदार एवम सक्रिय राजनीतिज्ञ के रूप में भी जाने जाते हैं। चिकित्सक के नाते मुस्लिम समाज में भी वह काफी लोकप्रिय है। वह मानव सेवा क्लब के भी संरक्षक हैं।


बरेली में जन्में डॉ. अरुण कुमार ने वर्ष 1965 में आगरा यूनिवर्सिटी से जुड़े बरेली कॉलेज से बीएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1970 में लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से एम. बी. बी. एस की शिक्षा पूरी की। बरेली में कोहाड़ापीर छोटा पुल के पास वर्षो (अब गांधीनगर ) में अपने निजी चिकित्सालय में चिकित्सक के रूप में सेवाएं देते हैं। इस के साथ ही वह भाजपा की राजनीति एवम रोटरी क्लब साउथ के माध्यम से समाज सेवा के कार्यों में भी योगदान देते हैं। उनका सुबह से देर रात तक जनता से विभिन्न कार्यक्रमो के जरिये निरंतर संवाद बना रहता है।
बरेली जिले की 124 नम्बर की शहर सीट बरेली विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 से आती है। 2012 में भारतीय जनता पार्टी से प्रत्याशी डॉ. अरुण कुमार ने समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी डॉ. अनिल शर्मा को हराया था। जिसमें डॉ. अरुण कुमार को 68 हजार 983 वोट प्राप्त हुए और डॉ. अनिल शर्मा को 41 हजार 921 मत मिले थे। 2017 के दूसरे चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के प्रेम प्रकाश अग्रवाल एवम सपा के प्रत्याशी को हराया। 2022 में तीसरी बार डॉ अरुण कुमार ने समाजवादी पार्टी के राजेश अग्रवाल को 32 हजार वोटों से हराया। डॉ अरुण कुमार ने इज्जतनगर में जेल के पास रोडवेज बस स्टैंड की निर्माण कराने की स्वीकृति कराने, आई वी आर आई पुल बनबाने, फोरेंसिक लैब निर्माण, अलखनाथ मंदिर में पर्यटन विभाग से कार्य कराने, स्वच्छता अभियान में बस्तियों, बाजारों में शौचालय निर्माण के साथ ही विधानसभा एरिया में कई विकास कार्य भी करवाये। कुडेशिया रेल फाटक, सिटी श्मशान, किला पर अंडर पास बनबाने, आई टी पार्क बनबाने, बरेली में सरकारी मेडिकल कॉलेज या एम्स जैसा हॉस्पिटल खुलबाने की दिशा में भी प्रयासरत रहे हैं। उनके निवास पर निरंतर चल रहे कोविड टीका करण केम्प में हजारों लोगों ने भी लाभ उठाया। सुबह से ही विधानसभा एरिया में जनहित कार्यो में वह आज भी सक्रियता से लगे रहते हैं। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की दूसरी सरकार में डॉ अरुण को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मंत्री का प्रभार मिला है। साफ सुथरी राजनीति में ही डॉक्टर अरुण का विश्वास है। डॉ अरुण कुमार के बड़े भाई अनिल कुमार एडवोकेट भी उनके कार्यों में सक्रिय रहकर मदद करते है।

निर्भय सक्सेना, पत्रकार

By Anurag

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *